दुनियाभर की सत्ताएं खुद को और-और मजबूत करने में लगी हैं और ऐसा करते हुए उन्हें इंसानी बिरादरी के गर्त में जाने का भी कोई भान नहीं है। सत्ता-लोलुपता की इस भीषण जद्दो-जेहद में लोकतंत्र सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है।…