नई शिक्षा नीति

संस्कृत के मोह में रुक गया हिंदी का विकास

हिंदी को संस्कृत निष्ठ बनाने का सिलसिला थमा नहीं है और न ही हिंदी को सांप्रदायिकता की जुबान बनाने की कोशिश ठहरी है। तमाम गैर हिंदी भाषी राजनेता सीखी हुई हिंदी बोलते हैं और बड़े जनसमुदाय को प्रभावित करते हैं।…

क्‍या हैं, ‘नई शिक्षा नीति’ के लक्ष्‍य : ‘विश्‍वगुरु’ या सस्‍ता श्रम?

कोविड-19 से बदहाल देश के सामने, बिना किसी संतोषजनक संवाद, बातचीत के, हड़बड़ी में लाई गई ‘शिक्षा नीति-2020’ आखिर क्‍या उपलब्‍ध करना चाहती है? क्‍या यह तेजी से बढ़ती निजी पूंजी को और बढाने की खातिर सस्‍ते मजदूरों की व्‍यवस्‍था…