जाति, भाषा, लिंग, क्षेत्र आदि की कठोर मानी जाने वाली वर्जनाओं को तोड़कर देशभर को आंदोलन के लिए मजबूर करने वाला ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम’ (सीएए) और ‘राष्ट्रीय नागरिकता पंजी’ (एनआरसी) आखिर क्या करने वाले हैं? क्या ‘राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी’ (एनपीआर)…