हर इतिहास के काले व सफेद पन्ने होते हैं, कुछ भूरे व मटमैले भी. वे सब हमारे ही होते हैं. कितनी फाइलें खोलेंगे आप ? दलितों-आदिवासियों पर किए गए बर्बर हमलों की फाइलें खोलेंगे ? आप थक जाएंगे इतनी फाइलें…