स्वास्थ्य मामलों के जानकारों के मुताबिक कम टेस्टिंग के कारण मध्य प्रदेश में कोविड-19 के कम मामले सामने आ रहे हैं। मध्य प्रदेश कोराना टेस्ट करने की क्षमता में अन्य राज्यों से बहुत पीछे है।