गांधी जी

महात्‍मा गांधी – कुछ बेतरतीब नोट्स

रोजमर्रा के आमफहम जीवन को फिलहाल छोड भी दें तो महात्मा गांधी की ‘जयन्ती’ और ‘पुण्यतिथि’ की सालाना कवायद पर हम आम लोग कैसा महसूस करते हैं? ‘सप्रेस’ ने यही सवाल अपने एक वरिष्ठ साथी से किया। प्रस्तुत है, अपने…

गांधी के सपनों से कोसों दूर उनका अपना देश

गांधी जयंती पर विशेष   गांधी जी सही अर्थ में महात्मा थे। संसार के बहुत कम लोग इस अर्थ में महान हुए हैं, जिस अर्थ में मोहनदास करमचंद गांधी। वे महान पैदा नहीं हुए थे, न ही महानता उनपर थोपी…

‘आखिरी आदमी’ के लिए बापू का आहार

आजकल स्वास्थ्य, संतुलित भोजन और वजन-वृद्धि बडा बाजार हैं और उन्हें लेकर तरह-तरह के कौतुक होते रहते हैं। गांधी ने भी अपने और अपने संगी-साथियों के लिए भोजन की एक पद्धति विकसित की थी जिसमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण था, समाज के…