सुब्बरावजी से प्रेरणा लेकर देश में शांति, सदभाव और भाईचारे का माहौल निर्मित करते रहेंगे

अप्रैल में ‘हिंसा से अहिंसा का संदेश’ देने के लिये तीन बागी समर्पण स्‍थलों से शांति यात्राएं निकलेगी

जौरा (मुरैना)। 7 फरवरी। चंबल घाटी के जौरा स्थित महात्मा गांधी सेवा आश्रम में विख्यात गांधीवादी स्व. डा. एस. एन. सुब्बरावजी की समाधि स्थल पर आज उनके जन्म दिवस (7 फरवरी) को ‘भाई जी दिवस’ के रूप में मनाते हुए 28 राज्यों से आए हुए सैकडों युवाओं ने श्रद्धा सुमन पुष्प अर्पित किये। इस अवसर पर देशभर के युवाओं ने अपने-अपने इलाके से लाई हुई मिट्टी को समाधि स्थल पर समर्पित किया तथा देश भर से लाए हुए विविध प्रकार के पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व सेवा संघ के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष गांधीवादी श्री चंदनपाल ने की। इस अवसर पर महात्मा गांधी सेवा आश्रम के अध्यक्ष एवं सर्वोदय समाज के संयोजक श्री राजगोपाल पी. व्ही., राष्‍ट्रीय युवा योजना के न्यासी के. सुकुमारन, मधुसूदन, महेन्द्र नागर, सर्व सेवा संघ के अशोक शरण, प्रभारी विनय गुप्ता आदि उपस्थित थे।

इस अवसर पर पर गांधीवादी विचारक पी.व्ही. राजगोपाल ने कहा कि आज हम सब भाईजी के शांति और सेवा कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज में दूरियों को पाटने का काम कर सकते हैं। हमें विश्‍वास है कि सभी अच्छे लोग हैं, निश्चित ही दूरियों को खत्म कर देश में शांति, सदभाव और भाईचारे का माहौल निर्मित करते रहेंगे ताकि भाईजी के सपनों को साकार कर सके। उन्होंने कहा कि भाईजी के विशेष शांति प्रयासों के फलस्वरुप बागियों के आत्म सर्मपण के बाद गांधी आश्रम से दो संगठनों का उदय हुआ। राष्‍ट्रीय युवा योजना और एकता परिषद। इन दोनों का काम शांति और राष्‍ट्र निर्माण के लिये हुआ है।

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उन्होंने कहा कि आगामी अप्रैल माह में बागी समर्पण की 50 वी वर्षगांठ पर 14 से 16 अप्रैल तक 3 दिवसीय सर्वोदय समागम का आयोजन महात्मा गांधी सेवा आश्रम में होगा। हिंसा से अहिंसा का संदेश देने के लिये जौरा (म.प्र.), बटेश्‍वर (उत्तर प्रदेश) और तालाबशाही (राजस्थान) बागी समर्पण स्थलों से 3 यात्राएं शांति और अहिंसा का संदेश देने के लिये चलाई जायेगी। उन्होंने कहा कि आज देश के लोगों को प्रेरणा देने के लिये पीस टूरिज्म की तैयारी करना जरुरी है। और तीसरा अभियान गांधी और गरीब, अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने के लिये चलाया जायेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री चंदनपाल ने भाईजी के प्रेरणास्पद कार्यो और भाईजी के व्यक्तित्व पर सभी कार्यकर्ताओं को संकल्प लेकर कार्य करने को कहा और जय जगत के विचार को देशभर में ले जाने का आव्हान किया। इसके अलावा मंचासीन अतिथियों ने भी संबोधित किया।

भाईजी दिवस पर एच.एल. हाई स्कूल, जौरा एवं मॉ शारदा स्कूल, जौरा के बच्चों ने रैली निकालकर भाईजी को श्रद्धांजलि देते हुए स्मरण किया। दूसरे सत्र की अध्यक्षता गांधी भवन न्‍यास, भोपाल के सचिव दयाराम नामदेव ने की। कार्यक्रम का संचालन विनय भाई ने किया।

Bharat ki santan programme

पूर्व में महात्मा गांधी सेवा आश्रम के सचिव डा. रनसिंह परमार ने भाईजी को नमन करते हुए देश भर से आए लोगों से अनुरोध किया कि वे आज यहां से भाई जी के आदर्शों  और उनके विचारों को देशभर में लेकर जायेगें और कार्य करेगें। भाईजी का व्यक्तित्व बहुआयामी रहा है। भाईजी ने अपना जीवन लोगों के बीच में ही जिया, उन्होंने अपने लिये कोई घर नहीं बनवाया। दो थैले ही लेकर हमेशा चलते रहे। किसी के भी घर पर रुक जाते थे, यही कारण था कि समाज का हर व्यक्ति उन्हें अपने नजदीक मानता रहा है।

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आयोजन में देशभर के 28 राज्यों- आंध्र प्रदेश, आसाम, अंडमान निकोबार, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, उड़ीसा, पंजाब, पुडुचेरी,  तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल आदि के 500 से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यक्रम में एकता परिषद के राष्‍ट्रीय महासचिव रमेश शर्मा, अनीष भाई, निर्भय सिंह, संतोष सिंह,राकेश दीक्षित, उदयभान सिंह, डोगर शर्मा, शीतल, प्रफुल्ल भाई , रबीन्द्र सक्‍सेना, दिनेश सिकरवार, दीपक अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

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