सीतामढ़ी,25 मई। संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा,रीगा तथा रीगा चीनी मिल मजदूर सभा के तत्वावधान में किसानों तथा कामगारों के ज्वलंत सवालों पर रबि मार्केट, रीगा के सभागार में “किसान-कामगार महापंचायत” का आयोजन किया गया।
अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष पारसनाथ सिंह तथा मजदूर सभा के अध्यक्ष रामबाबू राय ने संयुक्त रुप से की। मंच संचालन मजदूर सभा के महासचिव अशोक कुमार सिंह ने की।
महापंचायत में बडी संख्या में इलाके के किसान तथा रीगा चीनी मिल के मजदूर शामिल थे। जिला से आये किसान तथा ट्रेड यूनियन लीडर भी महापंचायत मे शामिल हुए।
महापंचायत में कहा गया कि सरकार तथा मिल प्रबंधन की उपेक्षा से किसान- कामगार तबाह हैं। रीगा चीनी मिल चलने की खुशी किसानों तथा कामगारों को सुनिश्चित कराना सरकार का काम है।
पिछले दिन गन्ना सचिव बिहार ने मई माह में किसानो के बकाये 52 करोड गन्ना मूल्य के भुगतान की घोषणा की थी उस पर अमल हो साथ हीं गन्ना विकास विभाग,सीतामढी द्वारा गन्ना खेती पर अनुदान में भारी अनियमितता की ईंखायुक्त द्वारा किये गये जांच को सार्वजनिक किया जाए।लगातार आंधी,वर्षा,ओला जैसी आपदा से प्रभावित गेंहू,रबी,आम के किसानों को बीमा तथा क्षतिपूर्ति अनुदान का भुगतान करे सरकार।
रीगा चीनी मिल के स्थायी तथा अस्थायी कर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित हो।ये कामगार के साथ ईलाके के गन्ना किसान भी है।नई नियुक्ति में स्थानीय वेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाए।
भूखमरी के कगार पर खडे रीगा चीनी मिल के कर्मियों के बकाये करीब 20 करोड रू का शीघ्र भुगतान कराया जाए तथा चीनी मिल में ठेका पर कार्य बंद हो। मजदूरों को उचित वेतन के साथ 8 घंटे काम सुनिश्चित हो तथा दमन-शोषण बंद हो।
किसान-कामगारों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री तथा मिल प्रबंधन को पत्र भेजने के साथ सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग का आग्रह किया जायगा।
सर्वसम्मति से किसान तथा कामगारों ने संयुक्त आन्दोलन चलाने के साथ 9 जुलाई के राष्ट्रव्यापी हडताल को सफल बनाने का निर्णय लिया।
कामगारों की समस्या पर मजदूर सभा के सचिव अशोक कुमार सिंह ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा मिल प्रबंधन से मिल तथा मजदूर के हित में सकारात्मक पहल की अपील की।
महापंचायत में बिहार राज्य गन्ना किसान मोर्चा के महासचिव डा आनन्द किशोर ने कहा कि सरकार तथा पूंजीपतियों की सांठगांठ से देश में किसान-मजदूरों की तबाही बढती जा रही है। किसान तथा कामगारों के खिलाफ नये-नये कानून बन रहे हैं इसलिए पूरे देश के किसान तथा ट्रेड यूनियन संगठन संयुक्त आन्दोलन तेज कर रहे हैं।अपना हक पाने के लिए हमें भी उसी तर्ज पर लडना होगा।
किसान सभा के अध्यक्ष जयप्रकाश राय ने कहा संयुक्त किसान मोर्चा किसान-मजदूरों की मांगों तथा संघर्ष के साथ है। ईंटक नेता दिलीप पाण्डेय ने कहा कि कामगारों को न्याय दिलाने के लिए ईंटक रीगा से दिल्ली तक लडेगा।
किसान फाउंडेशन के चेयरमैन सत्य नारायण सिंह ने कहा कि मिल प्रबंधन मजदूरों को काम पर वापस ले अन्यथा बडा आन्दोलन होगा।
मोर्चा के जिलाध्यक्ष जलंधर यदुबंशी ने कहा कि प्रबंधन अपने पुराने अनुभवी कर्मियों को दूसरे सत्र से नियुक्त करे तथा बकाया भुगतान कराये।
रीगा चीनी मिल वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रामनन्दन ठाकुर ने कहा कि मजदूरों को प्रबंधन तथा सरकार न्याय दिलायें।
किसान सभा के सचिव सुरेश बैठा ने किसान-कामगारो के मांगों का समर्थन करते हुए सडक से संसद तक सहयोग का भरोसा दिया।
जेडी यू श्रमिक संघ के प्रखंड अध्यक्ष अजित पटेल ने कहा कि रीगा चीनी मिल प्रबंधन ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह मजदूरों का शोषण कर रहा है।
महापंचायत में 9 जुलाई को देशव्यापी हडताल के समर्थन तथा किसान-कामगारों की समस्याओ पर ललित आश्रम सीतामढी में एक कन्वेंशन आयोजित होगा।
महापंचायत को किसान नेता संजीब कुमार सिंह,योगेन्द्र प्रसाद यादव,अमरेन्द्र राय,कौशल किशोर सिंह,शंकर मंडल, शशिधर शर्मा, राम जनम गिरी,रामपुकार साह,अबधेश यादव,मोहन राम,अश्विनी कुमार मिश्र,जगदीश यादव, मजदूर सभा के कृष्ण कुमार पूर्वे,अरुण कुमार सिंह,नवीन कुमार ठाकुर,संजीब कुमार सिंह,श्याम बिहारी पंडित,अशोक निराला,पप्पू पासवान सहित दर्जनो मजदूर-किसान नेताओ ने संबोधित किया तथा अपनी एकजुटता के साथ संघर्ष तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।


