भोपाल, 3 जुलाई। वर्ष 2026 के लोकजतन सम्मान से वरिष्ठ सम्पादक राजेन्द्र शर्मा (नई दिल्ली) को अभिनन्दित किया जाएगा l राजेंद्र शर्मा लगभग आधी सदी से पत्रकारिता में हैं । 1979 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करने के साथ ही उन्होंने अपने आपको परिवर्तनकामी प्रतिबद्ध पत्रकारिता के प्रति समर्पित कर दिया था। जिस लोकलहर से उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की थी, उसके संस्थापक सम्पादक हरकिशन सिंह सुरजीत उनके बाद सीताराम येचुरी के पश्चात अब वे उस लोकलहर के वे सम्पादक हैं ।
वे सहमत, मुक्तनाद तथा अन्य संस्थानों के महत्वपूर्ण प्रकाशनों के सम्पादक भी रहे हैं । उनके अपने सम्पादन में 30 से अधिक किताबों का प्रकाशन हुआ l उनके अपने लेखों के संकलन ”बहस अनंता”, ”भूलने के विरुद्ध'” तथा “असत्य के प्रयोग” भी प्रकाशित हो चुके हैं। “संस्कृति क्षेत्रे रणक्षेत्रे” प्रकाशनाधीन है। वे देशबंधु, राष्ट्रीय सहारा, जनवाणी, न्यूज़क्लिक जैसे कई समाचार माध्यमों के नियमित स्तम्भकार हैं। पिछले कुछ समय से लोकजतन में भी नियमित स्तम्भ लिख रहे हैं। वे ऐसे पत्रकार सम्पादक हैं, जो जटिल राजनीतिक विषयों पर सरल, सहज और चुस्त लेखन के अलावा पोलिटिकल रिपोर्टिंग में व्यंग विधा का निबाह भी बहुत अच्छी तरह से करते हैं।
यह सम्मान लोकजतन के संस्थापक-सम्पादक शैलेन्द्र शैली (24 जुलाई 1957 – 07 अगस्त 2001) के जन्मदिन 24 जुलाई को दिया जाता है। इससे ऐसे पत्रकारों को सम्मानित किया जाता है, जो भारतीय पत्रकारिता के आज के दु:समय में भी सच बोलने और लिखने का दुस्साहस कर रहे हैं। इस सम्मान से अभी तक डॉ. राम विद्रोही (ग्वालियर), कमल शुक्ला (बस्तर-रायपुर), लज्जा शंकर हरदेनिया (भोपाल), अनुराग द्वारी (भोपाल), राकेश अचल (ग्वालियर), पलाश सुरजन (भोपाल), शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर (बस्तर ) आदि प्रमुख पत्रकारों को अभिनंदित किया जा चुका है।

