सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर कर नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकार को सुरक्षित किये जाने की मांग

जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय-स्वास्थ्य समूह ने दिया छ: राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों को ज्ञापन

इंदौर । जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय-स्वास्थ्य समूह द्वारा छ: राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों को ज्ञापन भेजकर प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर कर नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकार को सुरक्षित किये जाने की मांग की है। यह ज्ञापन मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओड़ीशा, गुजरात और बिहार राज्यों के मुख्यमंत्रियों को स्थानीय जनसंगठन से जुडे व्‍यक्तियों ने भेजा है।

इस ज्ञापन में संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर राज्‍य में आमजन के सम्पूर्ण स्वास्थ्य को सुरक्षित करने की पुरजोर मांग की गई है। उल्‍लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विभिन्न देशों की सरकारों से अपील की है कि वह स्वास्थ्य के क्षेत्र में संसाधनों को बढ़ाए और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करते हुए लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करें।

अमूल्य निधि, राजकुमार सिन्हा, मुकेश भगोरिया, रामप्रसाद काजले, राकेश चांदौरेने इस ज्ञापन में यह भी मांग की है कि राजस्थान की तरह अन्‍य प्रदेशों में स्वास्थ्य का अधिकार कानून लाया जाए तथा स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न घटकों को सुनिश्चित किया जाए। निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के नियमन के लिए क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट को भी राज्‍यों में लागू करने की मांग की गई हैं।

See also  स्वास्थ्य अधिकार कानून; राजस्‍थान विधानसभा सत्र में पारित किये जाने की मांग

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