योगेश कुमार गोयल

हिन्दी पत्रकारिता : 199 वर्षों की यात्रा और जनविश्वास का मजबूत स्तंभ

Hindi Journalism Day 30 May भारत में पत्रकारिता ने हर चुनौतीपूर्ण दौर में जनमत निर्माण और जनहित के सरोकारों को मजबूती से आगे बढ़ाया है। विशेष रूप से हिन्दी पत्रकारिता ने अपने 199 वर्षों के सफर में राष्ट्र की एकता,…

रेडक्रॉस : संघर्ष में सहारा, आपदा में आशा

रेडक्रॉस आन्दोलन मानवता की सेवा, तटस्थता और निष्पक्षता का प्रतीक है। इसकी नींव 1864 में हेनरी डयूनेंट ने युद्ध में घायल सैनिकों की पीड़ा से व्यथित होकर रखी। आज यह संस्था आपदा, युद्ध और बीमारी के समय दुनियाभर में राहत…

संवेदनहीन विकास और संकट में पृथ्वी का भविष्य

बढ़ते भौतिक विकास की दौड़ में मानव ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसके दुष्परिणाम अब स्पष्ट दिखने लगे हैं—असामान्य तापमान, बदलता मौसम और प्राकृतिक आपदाएं इसका प्रमाण हैं। ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ हमें यह याद दिलाता है कि…

Baisakhi 2025 : भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का पर्व है बैसाखी

कृषि प्रधान भारत में बैसाखी न केवल फसल कटाई का उल्लास है, बल्कि सिख नववर्ष, सामाजिक चेतना और ऐतिहासिक संघर्षों की गूंज भी है। पंजाब की धरती पर गूंजते ढोल-नगाड़ों और गिद्दा-भांगड़ा की थाप के साथ यह पर्व जहां समृद्धि…

World Health Day 7 April : अधूरी स्वास्थ्य सेवाएं, अधूरे सपने

पूरी दुनिया इस साल ‘स्वस्थ शुरुआत, आशापूर्ण भविष्य’ विषय के साथ 75वां विश्व स्वास्थ्य दिवस मना रही है। यदि पिछले कुछ वर्षों की स्वास्थ्य दिवस की थीम पर नजर डालें तो 2024 का विषय था ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार’, 2023…

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस : विज्ञान की शक्ति और भारत का भविष्य

National Science Day (28 February) का सबसे बड़ा उद्देश्य लोगों को हमारे दैनिक जीवन में विभिन्न वैज्ञानिक आविष्कारों की महत्ता से परिचित कराना होता है, इसके अलावा वैज्ञानिक सोच रखने वाले लोगों को अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें उनके कार्य…

भाषाओं के संरक्षण के लिए हों गंभीर वैश्विक प्रयास

विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति व बौद्धिक विरासत की रक्षा करने, भाषायी तथा सांस्कृतिक विविधता एवं बहुभाषावाद का प्रचार करने और दुनियाभर की विभिन्न मातृभाषाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनके संरक्षण के लिए यूनेस्को द्वारा हर साल 21 फरवरी को…

दिल्‍ली : हर साल सांसों का ये कैसा आपातकाल?

दिल्ली में इन दिनों एक प्रकार से सांसों का आपातकाल सा दिखाई दे रहा है, जहां चारों ओर स्मॉग की चादर छाई दिखती है। स्मॉग की यह चादर कितनी खतरनाक है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि…

पत्रकारिता की नैतिकता और प्रेस की स्वतंत्रता

राष्ट्रीय प्रेस दिवस (16 नवम्बर) राष्ट्रीय प्रेस दिवस वास्तव में प्रेस की स्वतंत्रता तथा समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों का प्रतीक है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 में भारतीयों को दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार से देश में…

डेंगू के जोखिम की न हो अनदेखी

डेंगू वैसे तो प्रतिवर्ष खासकर बारिश के मौसम में लोगों पर कहर बनकर टूटता है लेकिन कुछ राज्यों में इसके कारण महामारी जैसे हालात नजर आने लगे हैं और सैंकड़ों लोगों की मौत भी होती है। हालांकि डेंगू की दस्तक…