24 अप्रैल । हिंदी के प्रख्यात जनवादी कथाकार रमेश उपाध्याय हमारे बीच नहीं रहे। वे पिछले कई दिनों से कोविड से संक्रमित थे और एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सारी कोशिशों के बावजूद दिनांक 24 अप्रैल को…
वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. सुरेश मिश्र का गुरूवार (22 अप्रैल) की सुबह भोपाल में निधन हो गया । वे 84 वर्ष के थे। मध्यप्रदेश के इतिहास पर उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन और अनुवाद किया। उदयपुर की ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण…
इंदौर में बसी बेटी ने प्रकाशित की पिता के आलेखों की पुस्तक इंदौर। इंदौर में रहने वाली बेटी साहित्यकार श्रीमती पद्मजा बाजपेयी ने लगभग 102 वर्ष की आयु के पिता पंडित श्री विश्वम्भरनाथ तिवारी की पहली पुस्तक “आर्यावर्त से इण्डिया…
इंदौर (सप्रेस) । प्रख्यात प्रकृति शोधक, विज्ञान लेखक व वनस्पति शास्त्री और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय कालूराम शर्मा का 10 अप्रैल की दोपहर को निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे। उन्होंने पिछले दिनों ही कोरोना वैक्सीन लगवाई…
स्वास्थ्य मुद्दों पर कार्यरत डॉ. अनंत फड़के राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य सम्मान से सम्मानित भोपाल, 6 मार्च। वैज्ञानिक एवं चिकित्सकों की जिम्मेदारी जनता के प्रति होना चाहिए न कि सत्ता के साथ। लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में वित्तीय प्रावधानों को बढ़ाने…
जन स्वास्थ्य अभियान की सरकार से माँग इंदौर, 03 मार्च । मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 2 मार्च 2021 को कोविड – 19 महामारी के दौर में प्रस्तुत बजट मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बजट हो सकता था, परंतु उम्मीद…
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शोध अध्ययन से उभरे निष्कर्ष बैंगलुरु, 10 फ़रवरी 2021: कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूलों के लगातार बन्द होने से बच्चों के सीखने के स्तर पर गम्भीर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सीखने के स्तर में…
उत्तराखंड में ग्लेश्यिर के फटने से हुए विनाश पर पर्यावरण विद राजेंद्र सिंह की प्रतिक्रिया हाल ही में चमोली जिले में एवलांच के बाद ऋषिगंगा और फिर धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूटने पर प्रसिध्द पर्यावरण विद एवं…
साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाओं के कारणों की जाँच हेतु स्वतंत्र तथ्यान्वेषी दल का निष्कर्ष इंदौर, 31 जनवरी 2021 । गत वर्ष दिसम्बर के महीने में इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और अलीराजपुर जिलों में हुई साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाओं के कारणों की…
उमरिया । आज हमने सरकार को ही सब कुछ मान लिया है । सब कुछ सरकार के रहमों – करम पर छोड़ दिया है इसीलिए देश चौतरफा समस्याओं की गिरफ्त में है। अर्थव्यवस्था रसातल में जा रही है और अन्नदाता…