पवन नागर

परिवार और पर्यावरण के लिए खतरनाक रासायनिक खेती

जिस खेती की बदौलत इंसान अपना पेट भरता और जिन्दा रहता है, उसी खेती को केवल पूंजी कमाने की तरकीब में तब्दील कर दिया जाए तो क्या होगा? आप चाहें तो इसके नतीजे अपने आसपास ही देख और महसूस कर…

कृषि : रासायनिक खादों के खतरे और जैविक विकल्प

बुवाई के मौसम में रासायनिक खाद की मारामारी खेती के एक सालाना कर्मकांड की तरह होने लगी है। इसके तहत कई जगहों पर मार-पीट, गोदामों की लूट और प्रतिबंधात्मक धाराओं का कडाई से उपयोग होता है। क्या इससे किसी तरह…

कृषि संंसार : जीवन-दायिनी है, ज़हरमुक्त खेती 

मौजूदा कृषि कितनी जहरीली है और उसकी पैदावार के कितने खतरनाक प्रभाव हो रहे हैं, इसे जानने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है। सवाल है, क्या हम अपने आसपास से लगाकर वैश्विक स्तर के अनुभवों से सीखकर…

पर्यावरण : लालच से नाता तोड़ो, प्रकृति से नाता जोड़ो

कहा जाता है कि हम एक ग्रह और सभ्यता की हैसियत से खुद को लगातार समाप्त करने में लगे हैं। यानि हम जानते-बूझते खुद को खत्म करने के सरंजाम जुटा रहे हैं। ऐसे में समूची कायनात को बचाने के लिए…

World Water Day : नादानी और बेईमानी से खत्म हो रहा पानी

विश्व जल दिवस पर विशेष पानी के लिए मचते हाहाकार में हम धूर्ततावर्ष अक्सर यह भूल ही जाते हैं कि इस त्रासदी की असली वजह तो हम, इंसान ही हैं और अब अपनी ही करनी के नतीजे में जलसंकट भुगत…

प्रकृति : जिन्दा रहने की जद्दोजेहद

अब यह कोई दुराव-छिपाव की बात नहीं रही है कि हमारे आम-फहम जीवन में लगातार गिरावट आती जा रही है और इसकी वजह भी हम खुद ही हैं। आखिर किस तरह हम अपनी इस बदहाली से पार पा सकते हैं?…

आधुनिक खेती के खतरे

आंकडे और अध्ययन बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन का सर्वाधिक असर खेती पर पड रहा है। नतीजे में उत्पादन, बीज, मिट्टी, पानी, यहां तक कि भूख, सभी संकट में फंसते जा रहे हैं। क्या इससे पार पाने का कोई तरीका…

खुशहाल खेती का मंत्र – ‘खेत एक, फसलें अनेक’

रासायनिक खादों-दवाओं-कीटनाशकों की भरपूर मात्रा से विपुल पैदावार करने वाली ‘हरित क्रांति’ ने अब अपने पैदा किए खतरों को उजागर करना शुरु कर दिया है। एक जमाने में कभी-कभार होने वाली कैंसर जैसी बीमारी अब घर-घर का संकट बन गई…