आधुनिक विज्ञान को लेकर एक विचित्र सी मान्यता है कि उसे आसानी से, बोलचाल की भाषा में समझा-समझाया नहीं जा सकता। नतीजे में विज्ञान आम समाज में रूढ-से-रूढतर और कई बार अंधविश्वास तक होता जाता है। विज्ञान को आसान बनाने…
बाजार-वाद के हल्ले में सरकारी अस्पतालों की तरह सरकारी स्कूलों को हम कितना भी गरिया लें, सर्वाधिक लोगों को स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा इन्हीं की मार्फत मिलती है। तो फिर इन्हीं को बेहतर क्यों नहीं किया जाए? खासकर तब, जब कोविड-19 की ‘मेहरबानी’ से…
पुण्य स्मरण : 24 जुलाई देश में जन-विज्ञान के क्षेत्र में आने वाले बहुत कम ही लोग हैं जो समाज में फैले अंध-विश्वासों को विज्ञान की कसौटी पर परख सकें, लोगों को जागरूक कर सकें। ‘कोरोना-काल’ के ऐसे दौर में…