अभी पिछले हफ्ते अफगानिस्तान में लडकियों के एक स्कूल के पास हुआ बम विस्फोट, जिसमें करीब पचास लोगों की जानें गई थीं, उन अनेक गंभीर वारदातों में से एक है जो अमरीकी सैनिकों की वापसी की घोषणा के बाद लगातार…
कोरोना की महामारी के पिछले एक-डेढ साल ने हमें अपनी बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, लापरवाही और बदइंतजामी के साथ-साथ लोकतंत्र के मौजूदा स्वरूप से भी दो-चार कर दिया है। क्या हम लोकतंत्र के इसी रूप की कल्पना करते थे जिसमें सत्ता…
राजनीतिक दांव-पेंच से दूर सारे मोर्चों पर एक साथ काम शुरू हो, सामाजिक व्यवस्थाएं अस्पतालों पर आ पड़ा असहनीय बोझ कम करें, युद्ध-स्तर पर वैक्सीन लगाई जाए तो कोरोना की विकरालता कम होने लगेगी। जानकार कह रहे हैं कि तीसरी…
स्मृति सुमन मशहूर इस्लामी विद्वान और गांधीवादी लेखक मौलाना वहीदुद्दीन खान का 22 अप्रैल को 96 साल की उम्र में निधन हो गया। मौलाना वहीदुद्दीन ने कुरान का अंग्रेजी में आसान अनुवाद किया और कुरान पर टिप्पणी भी लिखी। वे…
पिछले करीब चालीस सालों से माना जाता रहा है कि नक्सली हिंसा देश की सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती है। लेकिन उसे आज तक समाप्त नहीं किया जा सका है। आए दिन देश की सैनिक और असैनिक आबादी नक्सली मुठभेड़ के…
आजकल किसानों और किसानी से जुडे लोगों के बीच भारी बेचैनी दिखाई दे रही है। हाल में केन्द्र सरकार द्वारा संसद में पारित करवाए गए तीन कानूनों को लेकर देशभर में धरना, प्रदर्शन, चक्काजाम और रैलियां जारी हैं। क्या किसानी…
इन दिनों राजस्थान में और उसके पहले मध्यप्रदेश समेत अनेक राज्यों में लोकतंत्र का जो मखौल उडाया जा रहा है उसमें कौन हस्तक्षेप करके उसे पटरी पर ला सकता है? विधायिका की गफलतों पर अंकुश लगाने के लिए संविधान में…
पांच अगस्त को धारा-370 के अनेक प्रावधानों के निलंबन के बाद देशभर में कश्मीर के इतिहास को लेकर बहस-मुबाहिसे जारी हैं। आजाद भारत में कुल जमा साढ़े पांच महीने ही सांस ले पाने वाले महात्मा गांधी को भी इसमें बख्शा…