देश की राजनीतिक हलचल और चुनावी बयानबाजी के बीच मुद्रा बाजार में गंभीर उतार-चढ़ाव नजर आ रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपये की तेज गिरावट और सोने के भंडार को लेकर उठे सवालों पर न तो स्पष्ट संवाद हो रहा…
एन बिहार चुनाव के पहले की गई ‘केन्द्रीय चुनाव आयोग’ की गफलतों ने राजनीतिक जमातों में उथल-पुथल मचा दी है, लेकिन इसी की टक्कर का एक और मुद्दा देशभर में खदबदा रहा है, जातिवार जनगणना का । यह मुद्दा ऊपरी…
इन दिनों शीतलपेय की आक्रामक मंडी थोड़ी ठंडी दिखाई दे रही है। हर साल की तरह भांति-भांति के शीतलपेय बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए बाजारों में नहीं आए हैं। कहा जा रहा है कि इसकी वजह एक नया, जमा-जमाया…
Virat Kohli के टेस्ट सन्यास ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आज का क्रिकेट केवल खेल नहीं, एक बड़ा बाजार बन चुका है। फिटनेस, निरंतर प्रदर्शन और जुनून के प्रतीक कोहली, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंकी, अब…
पहलगाम की विभीषिका ने देश को एकजुट किया—यह सिर्फ एक आतंकी हमला नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का क्षण बन गया। पहली बार कश्मीर से लेकर दिल्ली तक, मस्जिद से लेकर संसद तक, एक सुर…
जब तेल की समृद्धि पर सवार अरब देशों को चौथी दुनिया कहकर नई वैश्विक शक्ति माना गया था, तब भी किशन पटनायक ने उसे मृगमरीचिका कहा था। आज ट्रम्प की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति, व्यापार युद्ध और आत्मघाती फैसले उसी तरह…
सिर्फ तीन महीना पहले दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बने डोनॉल्ड ट्रम्प ने जो कारनामे कर दिए हैं उनसे समूची दुनिया हलाकान है। ‘अमरीका को फिर से महान’ (‘मेक अमरीका ग्रेट अगेन’ यानि ‘मागा’) बनाने की खब्त में उन्होंने आर्थिक ताने-बाने…
देखने, छूने, सूंघने और यदा-कदा चखने की इंद्रियों की मदद से होने वाली खरीद-फरोख्त को धता बताते हुए आजकल आनलाइन का चलन है जिसमें सीधे ऑर्डर करके जरूरत का सामान मंगाया जाता है। सरकार से लगाकर तमाम शोध संस्थान इस…
धरती का जीवन बचाने की खातिर वैश्विक जमावडे ‘कॉप 28’ की विफलताओं के सामने अब महात्मा गांधी खडे किए जा रहे हैं और कमाल यह है कि यह पहल मौजूदा संकटों को पैदा करने वाले पश्चिमी समाज की तरफ से…
हाल में भारत में हुए वन-डे विश्वकप क्रिकेट के आयोजन ने एक तरफ दुनिया-जहान के खेल प्रेमियों में हलचल मचाई, तो दूसरी तरफ एक बार फिर उजागर कर दिया कि क्रिकेट असल में खेल की बजाए दिनोंदिन पूंजी काटने का…