Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

सर्वोदयी कार्यकर्ता रविन्द्र भाई का निधन

रायबरेली, 7 दिसंबर। उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ गांधीवादी कार्यकर्ता और चंबल घाटी शांति मिशन के लंबे समय तक सक्रिय सदस्य रहे रविन्द्र भाई का आज तड़के सुबह 5 बजे स्थानीय अस्पताल में निधन हो गया। वे 86 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही सर्वोदय कार्यकर्ताओं, सामाजिक आंदोलनों से जुड़े साथियों और मित्रों में गहरा दुःख फैल गया है।

रविन्द्र भाई उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के निवासी थे और कई दशकों तक गांधीवादी विचारधारा, सर्वोदय आंदोलन और विभिन्न जनआंदोलनों से जुड़े रहे। वे उन चुनिंदा कार्यकर्ताओं में रहे, जिन्होंने गांधी मार्ग को अपने जीवन का ध्येय बनाया और सामाजिक परिवर्तन के लिए ग्राम्य कार्य, पदयात्रा और जन-सम्पर्क को निरंतर साधन बनाया।

हाल ही में आयोजित ‘एक कदम गांधी’ पदयात्रा में वे रायबरेली से दिल्ली के गांधी समाधि और जंतर-मंतर तक पूरे मार्ग में शामिल रहे। पैदल यात्रा उनके लिए केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांधीजी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम था।

1974 के ऐतिहासिक जेपी आंदोलन में रविन्द्र भाई की भूमिका अत्यंत सक्रिय रही। सामाजिक अन्याय और भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़े इस आंदोलन में वे संगठन और जनसंपर्क के स्तर पर लगातार जुटे रहे।

इससे पहले, 1960 के दशक में जयप्रकाश नारायण द्वारा स्थापित चंबल घाटी शांति मिशन में भी उन्होंने वर्षों तक कार्य किया। डाकू-विरोधी इस शांति प्रयास में उनकी संवेदनशील भूमिका को आज भी समाजसेवी जगत याद करता है।

वे उत्तर प्रदेश भूदान यज्ञ समिति के सचिव भी रहे, जहाँ उन्होंने ग्रामदान-भूदान और ग्राम सुधार गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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अपने जीवन के प्रारंभिक दौर में वे भारतीय सेना के पेंशन विभाग में अकाउंटेंट थे, लेकिन हिंदी भाषा के प्रश्न पर उन्होंने सम्मानजनक तरीके से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने किसी नौकरी की ओर वापसी नहीं की और पूर्णकालिक रूप से सर्वोदय और लोकसेवा के रास्ते को अपनाया। वे लंबे समय तक सर्व सेवा संघ के प्रकाशन विभाग से भी जुड़े रहे।

1990 के दशक में जब बहुराष्ट्रीय कंपनियों और आर्थिक नीतियों के खिलाफ़ आज़ादी बचाओ आंदोलन देशभर में चल रहा था, तब भी रविन्द्र भाई ने सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी प्रतिबद्धता और सरल व्यक्तित्व युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे।

वरिष्‍ठ गांधी विचारक एवं उत्‍तरप्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्‍यक्ष रामधीरज भाई ने कहा कि त्रासदी यह है कि सिर्फ तीन दिन पहले राजामुंदरी में होने वाले सर्वोदय सम्मेलन में भागीदारी को लेकर उनके साथ संवाद हुआ था। इसीलिए उनके अचानक चले जाने का समाचार कई साथियों के लिए अविश्वसनीय और बहुत पीड़ादायक है।

तमिलनाडु सर्वोदय मंडल द्वारा जारी संदेश में कहा गया है कि उनकी स्मृति सर्वोदय आंदोलन और गांधीवादी कार्य के लिए लंबे समय तक प्रेरणा बनी रहेगी।

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