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‘बदलो बिहार अभियान’ के तहत सामाजिक न्याय और विकास पर चर्चा

विकास के सतत और समावेशी मॉडल पर जोर : तुषार गांधी समेत नामी कार्यकर्ता शामिल

हाजीपुर, 31 अक्टूबर। बिहार के हाजीपुर में आज सामाजिक न्याय, राज्य के विकास और जनता के बुनियादी मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण चर्चा का आयोजन किया गया। ‘बदलो बिहार अभियान’ के तहत स्थानीय नागरिक समूह ने हाजीपुर शहर और भुइया स्थान पानापुर लांगा में कार्यक्रम किया। इस चर्चा का मुख्य फोकस हाजीपुर के विकास के मुद्दों पर रहा, जहाँ विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने शहर के भविष्य के मॉडल पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम में महात्मा गांधी के प्रपौत्र और ‘भारत के लोग’ संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुषार गांधी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। तुषार गांधी, जो गांधीवादी विचारों को देश-दुनिया में फैलाने के लिए जाना जाते हैं, ने हाजीपुर के नागरिकों के साथ मिलकर विकास के सतत और समावेशी मॉडल पर जोर दिया। उनके अलावा कर्नाटक योजना आयोग के उपाध्यक्ष बी.आर. पाटिल, किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम, माइनॉरिटी राइट्स फेडरेशन के महाराष्ट्र वर्किंग प्रेसिडेंट रागिब अहमद शेख के साथ ही वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी मंच पर उपस्थित रहे।

हाजीपुर के नागरिक समूह ने इस आयोजन को शहर की बुनियादी समस्याओं—जैसे बुनियादी ढांचे की कमी, शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा, किसानों की परेशानियां और अल्पसंख्यक अधिकारों—को हल करने के लिए एक मंच के रूप में देखा। चर्चा में भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार का विकास तभी संभव है जब सामाजिक न्याय को केंद्र में रखा जाए।

तुषार गांधी ने अपने संबोधन में गांधीजी के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा, “विकास का मतलब केवल इमारतें बनाना नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को गरिमा और अवसर देना है। हाजीपुर जैसे शहरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी जरूरी है।”

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डॉ. सुनीलम ने किसानों के मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए बिहार की कृषि नीतियों में सुधार की मांग की, वहीं बी.आर. पाटिल ने कर्नाटक के सफल मॉडलों का उदाहरण देकर योजना निर्माण में पारदर्शिता पर जोर दिया। रागिब अहमद शेख ने अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और सामाजिक समावेशन पर विस्तार से चर्चा की।

नागरिक समूह के मेदिनी कुमार मेनन ने बताया, “यह चर्चा ‘बदलो बिहार अभियान’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जनता की आवाज को मजबूत करना है। हम हाजीपुर को एक आदर्श विकास मॉडल बनाने के लिए ठोस सुझावों पर काम करेंगे।” कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों स्थानीय निवासी भी शामिल हुए थे।

अभियान की भूमिका अमूल्य निधि ने रखी। उन्‍होंने कहा कि हाजीपुर में बदलाव जरूरी है। हाजीपुर में पीछे कई साल से कोई विकास नहीं हुआ इसलिए बदलाव करने की जरूरत है ताकि शिक्षा, रोजगार और पलायन रोकने और ड्रेनेज व्‍यवस्‍था जैसे काम आगे हो सके।

यह आयोजन बिहार में सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में समूह ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि जनता के मुद्दे नीति-निर्माताओं तक पहुंच सकें।

दोपहर में भुइया स्थान में कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें कामरेड केदार गुप्ता, क्षितिज प्रकाश, विवेका चौधरी, विजय कुमार विनीत, सुनील कुमार , उपेंद्र प्रसाद गुप्ता, प्रवीर पीटर,  मनोज कुमार गुप्ता, मनीष कुमार, विजय गुप्ता, संजय कुमार, जयप्रकाश, संजय गिरी और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।

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