विरासत, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सर्व सेवा संघ चलाएगा राष्ट्रव्यापी अभियान

सर्व सेवा संघ का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न

अनूपपुर। सर्व सेवा संघ (अखिल भारत सर्वोदय मंडल) का 91वां राष्ट्रीय अधिवेशन 22 व 23 दिसंबर को विरासत, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की संकल्पना के साथ संपन्न हुआ। अधिवेशन में 5 प्रस्ताव पास किए गए जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और गांधी विचार की संस्थाओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संपोषित भाजपा सरकारों द्वारा निरूपित किया जाने की कोशिश का प्रतिवाद किया करने के साथ ही मणिपुर में शांति स्थापना, यूक्रेन रूस, इजरायल और फलस्तीन युद्ध को रोकने और श्रम कानूनों को बहाल करने और किसानों के विरुद्ध दमन चक्र रोकने और उनकी मांगे मंजूर करने संबंधी बातें कहीं गई हैं ।

समापन वक्तव्य में सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल ने कहा कि गांधी शहादत दिवस 30 जनवरी से लेकर 12 फरवरी 2025 तक पूरे देश भर में सर्वोदय मंडल की ओर से क्षेत्रीय स्तर पर सघन रूप से संवाद कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस क्रम में यात्राओं का भी आयोजन होगा। आज जो देश और दुनिया की स्थिति है उससे लोगों को अवगत कराया जाएगा। युद्ध, हिंसा, नफरत और तनाव से मुक्त विश्व समाज के निर्माण के लिए गांधी विचार को अपनाना क्यों जरूरी है यह बताया जाएगा। कार्यक्रम संबंधी सत्र में राम धीरज ने प्रस्ताव रखा जिसे अधिवेशन में स्वीकार किया गया। इस प्रस्ताव के अनुसार विनोबा जयंती 11 सितंबर 2025 को वाराणसी के राजघाट से महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट दिल्ली तक एक पदयात्रा निकलेगी जो लखनऊ के होते हुए लगभग 1हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

अधिवेशन के दूसरे दिन के पहले सत्र में प्रदेश सर्वोदय मंडलों के अध्यक्ष एवं विभिन्न समितियों के संयोजकों ने कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। सर्व सेवा संघ (अखिल भारत सर्वोदय मंडल) के 91वें अधिवेशन में शामिल प्रतिनिधियों में से 55 प्रमुख लोगों ने उपवास रखकर महात्मा गांधी द्वारा स्थापित गुजरात विद्यापीठ में आरएसएस की दखल के विरुद्ध प्रतिवाद किया ।

गुजरात विद्यापीठ में भारतीय बच्चों को ब्रिटिश शिक्षा न लेकर राष्ट्रीय शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, इस विचार से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1920 में गुजरात विद्यापीठ की स्थापना की थी और इसके पहले कुलाधिपति स्वयं बने थे। उनके बाद सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद, मोरारजी देसाई, रामलाल पारिख, डॉ. सुशीला नायर, नवल भाई शाह, रवीन्द्र बर्मा, नारायण देसाई, इला भट्ट ने इस महान संस्था के चांसलर के रूप में कार्य किया था। भाजपा सरकारों द्वारा विगत दो वर्षों से इस संस्था को विरूपित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संस्थान को अडानी कंपनी और गुजरात सरकार ने कब्ज़ा कर लिया है। अडानी यहां वर्ल्ड क्लास गांधी हेरिटेज बनाने और एजुकेशन कॉम्प्लेक्स को दूसरी जगह ले जाने की योजना बना रहे हैं।

गांधी के साबरमती आश्रम, वाराणसी के सर्वोदय साधना केंद्र परिसर को गैर कानूनी तरीके से ध्वस्त कर देने के बाद, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का यहां शिविर गुजरात विद्यापीठ के परिसर में शुरू हो रहा है। जिसके विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिनिधियों में से प्रमुख 55 लोगों ने आज सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक उपवास रखा। गांधीजी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने भी इसका समर्थन किया है।

अधिवेशन में विचार रखने वालों में विद्याधर, डॉ सोमनाथ रोड़े, रमेश दाने, जागृति राही, रामबाबू नायडू, सत्यनारायण प्रसाद, जगदीश भाई, सतीश मराठा, मिहिर दास, अरविंद अंजुम, सत्येंद्र सिंह, वी प्रशांता आदि प्रमुख थे । समापन सत्र में गांधी भवन न्यास के सचिव दयाराम नामदेव, जिला सर्वोदय मंडल शहडोल के अध्यक्ष गणेश शर्मा, सर्व सेवा संघ के मैनेजिंग ट्रस्टी शेख हुसैन, महामंत्री गौरांग महापात्र, अरविंद अंजुम, अरविंद कुशवाह, जिला पंचायत सदस्य अंजू रैदास आदि ने अपनी बात रखी । समापन में सत्याग्रहियों को गांधी टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया ।

अधिवेशन के समापन में सर्वोदय समाज के संयोजक संतोष कुमार द्विवेदी ने आभार व्यक्त करते हुए गांधी विचार का समाज बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही । सर्व सेवा संघ के युवा सेल के राष्ट्रीय संयोजक भूपेश भूषण ने आभार व्यक्त किया। अधिवेशन की सफलता के लिए मध्यप्रदेश सर्वोदय मंडल, राष्ट्रीय युवा संगठन, लोक समिति के साथ ही दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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