जिला अस्पतालों को निजी हितधारकों को न देकर मेडिकल कॉलेजों को जमीन दिये जाने हेतु सरकार के निर्णय का स्‍वागत

जन स्वास्थ्य अभियान की मांग प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र मजबूत करें

भोपाल 26 नवमबर 2024। हाल ही में मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा जिला अस्पतालों को निजी हितधारकों के हाथों देने का निर्णय बदलकर अब उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देने के निर्णय का जन स्‍वास्‍थ्‍य अभियान मध्‍यप्रदेश ने स्‍वागत किया है। सरकार के पूर्व निर्णय के खिलाफ प्रदेश के कई जिलों, विकासखंड स्तर पर विरोध पत्रों, ज्ञापन एवं अन्य माध्यमों से विभिन्न हितधारकों सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं, संगठनों, चिकित्सक संगठनों ने अपना मत जनता और सरकार के सामने रखा था।  

उल्‍लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनो से मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 12 जिला अस्पतालों को निजी हितधारकों को देने की प्रक्रिया मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही थी। साथ ही प्रदेश के सभी 348 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 161 सिविल अस्पताल और संजीवनी क्लीनिक की स्वास्थ्य सेवाओं में सार्वजनिक निजी भागीदारी के नाम स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण का प्रयास किया जा रहा था। समाचार पत्रों की खबर के अनुसार सरकार ने जिला अस्पतालों को निजी हितधारकों के हाथों देने का निर्णय बदलकर अब उन्हे मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देने का निर्णय लिया गया।

जन स्वास्थ्य अभियान सरकार के इस निर्णय का प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर स्वागत किया है और साथ आव्‍हान किया है कि 348 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 161 सिविल अस्पताल और संजीवनी क्लिनिक को भी निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर भी सकारात्मक निर्णय लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

जन स्वास्थ्य अभियान के अमूल्य निधि, एस. आर. आजाद, धीरेंद्र आर्य, सुधा तिवारी, राजकुमार सिन्हा ने सरकार से मांग की है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में किसी प्रकार के पीपीपी मॉडल को बढ़ावा नहीं दिया जाए और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सरकारी संसाधन से सक्षम बनाया जाए और नए अस्पताल और मेडिकल कॉलेज सरकारी संसाधन से बनाए जाए और सरकार के हाथों में संचालन और निगरानी रहे। डॉक्टर्स और स्टाफ की कमी को भी पूरा करने की रणनीति और सेवाओं में सुधार पर कार्य कर, सरकारी अस्पताल में सुविधाओं की कमी को दूर किया जा सकता हैं।

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