मध्यप्रदेश के सैकड़ों सिलिकोसिस पीड़ित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और क्षतिपूर्ति से वंचित

गांवों से 40 परिवार धार पहुंचे, कलेक्टर को दिया ज्ञापन

धार, 11 जुलाई 2023। धार जिले के बलवानी, कलमी, खयड़ि, ढोल्या, बड़ग्यार गाँव के करीब 40 सिलिकोसिस पीड़ित अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय जिला धार पहुंचे। यहां   सिलिकोसिस पीड़ित संघ की ओर से अपनी मांगों को लेकर एक आवेदन भी सौंपा है।

सिलिकोसिस पीड़ित संघ से जुडे मोहन सुल्या,सेवकराम, कलसिंग, राकेश चांदौरे ने बताया कि धार जिले में सिलिकोसिस पीड़ितों की संख्या बढ़ाकर 357 हो गई हैं जिनमें से 94 पीड़ितों की सिलिकोसिस बीमारी की वजह से मृत्यु हो चुकी हैं। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें न तो पेंशन मिल रही हैं और न ही अन्य किसी प्रकार की सहायता समाजिक सुरक्षा योजना के नाम मिल रही हैं। इन 94 मृतकों में से 64 मृतकों के वारिसों को तीन लाख रूपये प्रति पीड़ित क्षतिपूर्ति/प्रतिकर (मुआवजा) मिला है, जबकि शेष 30 मृतक पिछले कई वर्षों से मुआवजा के इंतजार में हैं।

उल्‍लेखनीय है कि सिलिकोसिस के मामले में एक जनहित याचिका के तहत माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 4 मई 2016 और 23 अगस्त 2016 के अपने आदेश में कहा है कि सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित सभी पीड़ितों के पुनर्वास की जिम्मेदारी तथा मृतकों के वारिसों को मुआवजा दिलवाना सरकार की जिम्मेदारी हैं, परंतु जिले के सिलिकोसिस पीड़ित और मृतकों के वारिस अपने अधिकारों को पाने के लिए पिछले करीब 6 वर्षों से इंतजार कर रहे हैं।

सिलिकोसिस पीड़ित संघ ने सौंपे अपने आवेदन पत्र में सरकार से मांग की है कि सभी सिलिकोसिस पीड़ितों को यथाशीघ्र सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक से प्रदान किया जाए। साथ ही सिलिकोसिस बीमारी से मृतकों से शेष 30 मृतकों के वारिसों क्षतिपूर्ति/प्रतिकर (मुआवजा) का वितरण यथाशीघ्र सुनिश्चित करें। वहीं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार भविष्य में सिलिकोसिस पीड़ितों की मृत्यु होने पर क्षतिपूर्ति / प्रतिकर (मुआवजा) वितरण हेतु नियमित स्थायी व्यवस्था की जाए। सभी सिलिकोसिस पीड़ितों का सामाजिक, आर्थिक सम्पूर्ण पुनर्वास किया जाए और सिलिकोसिस पीड़ितों के समग्र पुनर्वास हेतु पुनर्वास नीति बनाई जाए। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।

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