फादर स्टेन स्वामी की मौत से पुलिस, अभियोजन और न्याय व्यवस्था की गंभीर कमियों को उजागर हुई है

समाजवादी जन परिषद के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष लिंगराज आजाद, अफ़लातून, राष्ट्रीय महासचिव एवं चन्द्र भूषण चौधरी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि वयोवृद्ध संत और सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्त्ता फादर स्टेन स्वामी के उत्पीड़न और सरकार द्वारा नियोजित हत्या की घटना ने देश की पुलिस, अभियोजन (Prosecution) और न्याय व्यवस्था की गंभीर कमियों और उनके जन विरोधी चरित्र को उजागर किया है। उनकी हत्या ने सभी न्याय प्रेमी नागरिक के मन को दुखी और उद्वेलित कर दिया है। 

समाजवादी जन परिषद (सजप) इन गम्भीर कमियों और सरकारों के दमन के विरुद्ध हमेशा ही मुखर और संघर्षरत रही है। उन्‍होंने कहा कि UAPA अन्याय करने का कानून है, जो न्याय करने का अधिकार भी अदालतों से छीन कर पुलिस महकमे को ही देता है। फर्जी और तथ्यहीन आरोप लगाकर बरसों किसी नागरिक को जेल में बंद रखने का असीमित अधिकार पुलिस को मिला हुआ है। आज देश भर में सैकड़ों लोग UAPA के आरोपों के कारण दस-दस साल से जेल में बिना जमानत में बंद हैं। सभी न्यायालय भी निर्दोष आरोपियों को जमानत तक नहीं दे पा रहे हैं। 

महासचिव अफलातून ने कहा कि यदि पुलिस या राजनीतिक सत्ताधारियों द्वारा UAPA का इस हद तक दुरूपयोग हो रहा है तो साफ है कि उस कानून की परिभाषा, धाराओं और नियमों में ही गंभीर खोट है।  पुलिस महकमा अपने मन और काम में शीर्ष राजनीतिक सत्ताधारियों का पूरी तरह गुलाम हो चुका है।

समाजवादी जन परिषद  ने मांग की है कि UAPA को तुरन्त निरस्त किया जाये। साथ ही उसमें तथा अन्य लागू उत्पीड़क कानूनों के अन्दर कैद सभी राजनीतिक बन्दियों को जल्द से जल्द रिहा किया जाये। फादर स्टेन स्वामी की हत्या की जाँच उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश के द्वारा शुरू करने की मांग की गई है।

See also  विकल्प खोजनेवाले समाजवादी कार्यकर्ता सोमनाथ त्रिपाठी

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