भोपाल, 24 अगस्त। मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग मंत्रालय ने उच्च न्यायालय, जबलपुर के आदेशों के अनुपालन में सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति वृक्ष प्रजातियों से संबंधित अधिसूचनाओं का अध्ययन कर एक माह में…
भारत विभाजन की त्रासदी को लेकर सत्ता समर्थक लेखक और एनसीईआरटी का नया मॉड्यूल इतिहास को अधूरा व पक्षपाती रूप में पेश करते हैं। हिंदू महासभा-आरएसएस की भूमिका गायब है, नेहरू–पटेल का असमान चित्रण है और अंग्रेज़ों की जिम्मेदारी को…
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सेवा सुरभि के पौधरोपण एवं सफाईकर्मियों सम्मान समारोह में हुई घोषणा इंदौर, 17 अगस्त। इंदौर के पांच प्राचीन वृक्षों को नगर निगम अब धरोहर पेड़ का दर्जा देकर संरक्षित करेगा और उनके आसपास का क्षेत्र विकसित करेगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव…
लोकतंत्र के अलमबरदार माने जाने वाले भारत सरीखे देश में किसी को ‘नो किंग्स’ आंदोलन की कोई खास खबर नहीं है, जबकि आम नागरिकों के इसी विरोध प्रदर्शन ने सर्वशक्तिमान माने जाने वाले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की खुद उनके…
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक महिलाओं ने साहस, त्याग और नेतृत्व से देश का गौरव बढ़ाया है। रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, सरोजिनी नायडू से लेकर निर्मला सीतारमण और पीवी सिंधु तक, स्त्रियों ने हर क्षेत्र में अपनी छाप…
लगभग आठ दशकों की आजादी के बाद हम कहां, कैसे और किन हालातों में पहुंचे हैं? यदि कोई कभी इन सवालों के जवाब जानना चाहे तो उसे उन सपनों को खंगालना पड़ेगा जो हमने अपनी आजादी के बरक्स बुने थे।…
अपने-अपने देश-काल के बरक्स हम अपने-अपने लोकतंत्र को चुनते, समझते और वापरते हैं, लेकिन क्या यह वही सर्व-जन-हिताय लोकतंत्र होता है जिसके भरोसे दुनिया के हम अधिकांश निवासी अपनी-अपनी वैतरणी पार करने के मंसूबे बांधते हैं? एक-दूसरे को नेस्तनाबूद करने…
आजादी के नतीजे में हमें जो सर्वाधिक काम की बात मिली है, वह है लोकतंत्र, लेकिन क्या हम उसे ठीक तरह से वापर रहे हैं? क्या आज, 78 साल बाद एक देश, एक समाज और एक राज्य की हैसियत से…
देशभर के संगठनों ने भेजा पत्र, राष्ट्रीय एकता दिवस पर उठी आवाज़ नई दिल्ली, 13 अगस्त। भूमि अधिकार आंदोलन के आह्वान पर देशभर के किसान संगठनों, जन आंदोलनों और मानवाधिकार समूहों ने आज राष्ट्रपति को पत्र भेजकर प्राकृतिक संसाधनों की…