प्राचीन भारतीय समृद्धि और समरसता के मूल में प्राकृतिक संपदा,कृषि और गोवंश थे। प्राकृतिक संपदा के रूप में हमारे पास नदियों के अक्षय-भंडार के रूप में शुद्ध और पवित्र जल स्रोत थे। हिमालय और उष्ण कटिबंधीय वनों में प्राणी और…
भाषा- शिक्षा, माध्यम और चुनौतियां विषय पर संगोष्ठी देवास, 6 जनवरी। म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन की देवास इकाई के एक प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन में भाषा- शिक्षा, माध्यम और चुनौतियों पर बात करते हुए संस्कृत और हिन्दी के ख्यात भाषा शास्त्री राधावल्लभ…