जल संरक्षण-संवर्धन के भांति-भांति के तौर-तरीकों के बाद अंतत: हम भूजल की शरण में ही आते हैं, लेकिन उसके प्रति हमारा आम, दैनिक व्यवहार क्या है? क्या हमारे मौजूदा दुर्व्यवहार के चलते भूजल बच पाएगा? और क्या ऐसे में हम…
गहन-गंभीर, समझने में दुरूह और कई बार उबाऊ तक माना जाने वाला हमारा संविधान यदि करके देखा जाए तो कैसा होगा? भोपाल की ‘यंगशाला’ से जुडे कुछ युवाओं ने संविधान के विभिन्न आयामों को निश्चित समय के लिए अपने-अपने जीवन…