हमें भयभीत होना चाहिए कि अराजक भीड़ों के समूह अगर इसी तरह सड़कों पर प्रकट होकर आतंक मचाते रहे तो न सिर्फ़ क़ानून-व्यवस्था के लिए राष्ट्र्व्यापी संकट उत्पन्न हो जाएगा, उसमें शामिल होने वाले लोग धर्म और राष्ट्रवाद को ही…
अपने हाथ से खुद की बदहाली करने का एक और उदाहरण हमारा पडौसी देश श्रीलंका है। वैसे तो पूंजी केन्द्रित मौजूदा आर्थिक ताने-बाने में कई देश, खासकर ‘तीसरी दुनिया’ कहे जाने वाले देश, लगातार बदहाली की गर्त में डूबते जा…