Year: 2021

अंतरराष्ट्रीय गांधी दर्शन और विचार लोकतंत्र समाचार

आज का अफगानिस्तान दुनिया के हर लोकतांत्रिक नागरिक के लिए शर्म का विषय है

वरिष्‍ठ गांधीजनों ने जारी किया संयुक्त बयान नईदिल्‍ली । 13 सितंबर । देश की प्रतिनिधि गांधीवादी संस्थाओं की ओर से यहां जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि कभी भारत का हिस्सा रहे अफगानिस्तान को हमें किसी दूसरे…

130 ‘पर्यावरण सांसदों’ की राय में पर्यावरण और बुंदेलखंड के मसले को लेकर गंभीर नहीं हैं सरकारें

12 घंटे चली पर्यावरण संसद में केन बेतवा लिंक, बकस्वाहा जंगल, शैल चित्र से संबंधित प्रस्ताव पारित किये भोपाल।  बकस्वाहा जंगल और केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें पर्यावरण और बुंदेलखंड के प्रति गंभीर नहीं हैं।…

देशभर के गाँधीजन सत्य-अहिंसा के मूल्यों पर आधारित समाज के नवनिर्माण हेतु करेंगे पहल

राष्ट्रीय विमर्श के समापन पर सर्वसम्मति से लिया संकल्प 12 सितंबर। राजघाट,नई दिल्ली। राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय के सभागार में देशभर से आये वरिष्ठ और प्रबुद्ध गाँधीजनों का तीन दिनी राष्ट्रीय विमर्श समाप्‍त हो गया। इस तीन दिवसीय विमर्श में देश,दुनिया…

महाकुम्भ की तरह हर 12 वर्ष में आता है नीलकुरूंजी का दुर्लभ फूल

पेड़-पौधों में रूचि रखने वालों वनस्पति शास्त्र के शिक्षक व विद्यार्थी तथा प्रकृति सौदर्यं को निहारने वालों के लिए नीलकुरूंजी का फूलता फूल किसी महाकुम्भ से कम नहीं है। पर्यटकों को इन फूलों की खूबसूरती को देखने के लिए 12…

अभयारण्य से भयभीत गांव

अपने आकार के करीब एक चौथाई इलाके में जंगल वाले मध्यप्रदेश में नए अभयारण्यों का प्रस्ताव आया है। ऐसे में उन लोगों को क्या होगा जो इन जंगलों को अपना माई-बाप मानकर उन पर निर्भर जीवन जीते और एन उसके…

बाइडन को भूलिए, इस 9/11 पर मोदी जी का संकल्प क्या है?

अभी यह भी साफ़ किया जाना बाक़ी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता सिर्फ़ अफगानिस्तान की ज़मीन का आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देने तक ही सीमित है या लोकतंत्र की बहाली के लिए वहाँ चल रहे…

सीताराम बाबा : एक सदैव जलती मशाल !

तीन दशक से ज्यादा का ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ उन अनेक स्थानीय, अनजान कार्यकर्ताओं की अद्भुद जिजीविषा और संघर्ष के हौसले से अपनी सफल यात्रा कर सका है। इनमें से एक थे – कडमाल गांव के सीताराम बाबा। तीन सितम्बर को…

तरुण भारत संघ आश्रम में ‘अनुपम बाग’ और ‘सिद्धराज ढड्ढा बाग’ का लोकार्पण

राजस्‍थान के अलवर में स्‍थापित तरुण भारत संघ आश्रम में पर्यावरणविद एवं गांधी विचारक स्व. अनुपम मिश्र और गांधी विचार से अनुप्रेरित स्व. सिद्धराज ढ़ड्ढा की स्मृति में 5 सितंबर को ‘अनुपम बाग’ और ‘सिद्धराज ढड़्ढा बाग’ का लोकार्पण अनुपम…

शिक्षक की यही पूंजी है कि विद्यार्थियों के दिल में उसका स्थान बना रहे : प्रो. बिल्लोरे

सुप्रसिद्ध सामाजिक चिंतक प्रोफ़ेसर डॉ. एस. आर. बिल्लोरे का सम्‍मान शिक्षाविद, सुप्रसिद्ध सामाजिक चिंतक, समाज कार्य के क्षेत्र में जाने-माने हस्ताक्षर प्रो. डॉ. एस. आर. बिल्लोरे का शिक्षक दिवस पर भोपाल स्थित सप्रे संग्रहालय में शाल, श्रीफल, अभिनंदन पत्र एवं…

विचार : राष्ट्रवाद बनाम मानवता

उन्नीसवीं और बीसवीं सदी में जिस अवधारणा ने राष्ट्रों के एकीकरण के साथ-साथ सर्वाधिक युद्धों की पृष्ठभूमि तैयार की है, वह राष्ट्रवाद ही है। क्या है, यह राष्ट्रवाद? इस अवधारण ने कैसे सत्ताओं को प्रभावित और सक्रिय किया है? पिछले…