Month: December 2021

साढ़े तीन दशक बाद भी नहीं हो पाया है भोपाल गैस त्रासदी के प्रभावों का मूल्यांकन

भोपाल गैस त्रासदी की 37वीं वर्षगांठ पर वक्तव्य भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल बाद भी गैस पीड़ितों का एक और वर्ष अनसुलझे मुख्य मुद्दों के बीच बीत गया। जहरीली गैस रिसाव त्रासदी के परिणामस्वरूप कम से कम 25,000 पीड़ितों…

जहरीली खेती से जुड़ा है, ‘भोपाल गैस कांड’

2-3 दिसंबर 1984 : भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल लंबे, दुखद और तकलीफ देह 37 साल गुजारने के बाद क्या हम यह कहने लायक हो पाए हैं कि अब कोई दूसरा ‘भोपाल गैस कांड’ नहीं होगा? जहरीले रासायनिक खादों,…

बराबरी के विरोध में मर्दानगी

हजारों साल की भारतीय संस्कृति का सतत गुणगान करने वाले हमारे समाज में औरतें आज भी दोयम दर्जे पर विराजमान हैं। मर्दों की मर्दानगी को कुछ ऐसी हैसियत प्राप्त है कि वह जब चाहे, जैसे चाहे औरतों के साथ कर…