अभी यह भी साफ़ किया जाना बाक़ी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता सिर्फ़ अफगानिस्तान की ज़मीन का आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देने तक ही सीमित है या लोकतंत्र की बहाली के लिए वहाँ चल रहे…
तीन दशक से ज्यादा का ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ उन अनेक स्थानीय, अनजान कार्यकर्ताओं की अद्भुद जिजीविषा और संघर्ष के हौसले से अपनी सफल यात्रा कर सका है। इनमें से एक थे – कडमाल गांव के सीताराम बाबा। तीन सितम्बर को…
राजस्थान के अलवर में स्थापित तरुण भारत संघ आश्रम में पर्यावरणविद एवं गांधी विचारक स्व. अनुपम मिश्र और गांधी विचार से अनुप्रेरित स्व. सिद्धराज ढ़ड्ढा की स्मृति में 5 सितंबर को ‘अनुपम बाग’ और ‘सिद्धराज ढड़्ढा बाग’ का लोकार्पण अनुपम…
सुप्रसिद्ध सामाजिक चिंतक प्रोफ़ेसर डॉ. एस. आर. बिल्लोरे का सम्मान शिक्षाविद, सुप्रसिद्ध सामाजिक चिंतक, समाज कार्य के क्षेत्र में जाने-माने हस्ताक्षर प्रो. डॉ. एस. आर. बिल्लोरे का शिक्षक दिवस पर भोपाल स्थित सप्रे संग्रहालय में शाल, श्रीफल, अभिनंदन पत्र एवं…
उन्नीसवीं और बीसवीं सदी में जिस अवधारणा ने राष्ट्रों के एकीकरण के साथ-साथ सर्वाधिक युद्धों की पृष्ठभूमि तैयार की है, वह राष्ट्रवाद ही है। क्या है, यह राष्ट्रवाद? इस अवधारण ने कैसे सत्ताओं को प्रभावित और सक्रिय किया है? पिछले…
हाल के अध्ययन बता रहे हैं कि वायु-प्रदूषण अब घर, स्कूल और तरह-तरह के कमरों के भीतर तक पहुंच गया है और इससे बचना है तो हमें तेजी से कुछ उपाय करना होंगे। एक ताजा अध्ययन में पता चला है…
भारत स्थित क्लाइमेट ट्रेंड्स और यूके स्थित ग्रीन टेक स्टार्ट-अप, राइडिंग सनबीम्स के एक नए अध्ययन में जाहिर हुआ है कि भारतीय रेलवे लाइनों को सौर ऊर्जा की सीधी आपूर्ति से, रेलवे के राष्ट्रीय नेटवर्क में चार में से कम…
छतरपुर जिले के बक्सवाहा में हीरे के लिए काटे जाने वाले जंगलों की कीमत आखिर क्या है? जिस तरह हीरे की कीमत उसकी कठोरता और चमक आदि के आधार पर तय की जाती है, ठीक उसी तरह पेडों की कीमत…
पिछले दिनों देश की प्रमुख समाजशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता गेल ऑमवेट का निधन हो गया है। ऑमवेट ने भारतीय समाज के हर उस पहलू के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जिसने समाज के कमजोर वर्गों को आवाज़ दी…