पिछले बडे आंदोलनों को देखें तो दिल्ली का मौजूदा आंदोलन कई मायनों में भिन्न दिखाई देगा। तरह-तरह से उकसावे के बावजूद अपने अहिंसक स्वरूप, जाति-धर्म-वर्ग के हमारे अंतर्निहित विभाजन से परे, सामूहिक नेतृत्व और युवाओं-बुजुर्गों, महिलाओं-पुरुषों आदि को यथायोग्य जिम्मेदारी…
डेढ़ करोड़ की आबादी वाले कैथोलिक समाज में पादरियों और ननों की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। कोई पचास हज़ार पादरी हैं और बाक़ी नन्स हैं। ऊपरी तौर पर साफ़-सुथरे और महान दिखने वाले चर्च के साम्राज्य में कई…