तमाम लोग जो अर्नब को एक आपराधिक पर ग़ैर-पत्रकारिक प्रकरण में हिरासत में भेजे जाने पर संतोष ज़ाहिर कर रहे हैं उन्हें शायद दूर का दृश्य अभी दिखाई नहीं पड़ रहा है। उन्हें उस दृश्य को लेकर भय और चिंता…
मौजूदा देश-व्यापी किसान आंदोलन में ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य‘ उर्फ ‘एमएसपी’ को कानूनी बनाने की खास मांग की जा रही है। कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाले किसान आयोग ने भी लागत के डेढ-गुने ‘एमएसपी’ की अनुशंसा की है, लेकिन…
फैजल खान को किस अपराध की सजा मिली है ? नईदिल्ली, 9 नवंबर । देश के लब्ध प्रतिष्ठित गांधी संस्थाओं, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने आज फैजल खान की गिरफ्तारी के संदर्भ में एक संयुक्त बयान जारी कर सरकार से प्रार्थना की है कि फैजल खान प्रकरण पर सरकार,…
देशभर के राजनेता अपने-अपने राज्यों को पंजाब, हरियाणा बनाने के मंसूबे बांधते रहते हैं, लेकिन क्या आज का पंजाब अनुसरण लायक बचा है? साठ के दशक की भारी-भरकम लाभ-लागत वाली ‘हरित-क्रांति’ ने क्या पंजाब को अनुकरणीय उदाहरण की तरह बचने…
सर्कस के लिए ‘घोडों के’ जिस ‘चलते-फिरते घेरे’ की बात की गई है उसमें मनोरंजन होना एक जरूरी शर्त है। ध्यान से देखें तो सबसे बडे और पुराने, दोनों छोरों पर लोकतंत्र यही करता दिखाई देता है। चुनावों को अपनी…
4 नवंबर : पुण्य तिथि पर विशेष प्रभाष जोशी की परंपरा सिर्फ लोकभाषा में एक अच्छा अखबार निकालने की ही नहीं है। वे एक उच्च कोटि के कम्युनिकेटर हैं और अपने समाज के हितैषी और चिंतक। विवादों के बावजूद उनकी…
तीन साल पहले एकरूपता की खातिर लगाए गए ‘जीएसटी’ ने तमाम छोटे-बडे व्यापारियों, आम खरीददारों और सरकारी अमले में से किसी को संतुष्ट नहीं किया है। आखिर क्या है, ‘जीएसटी’ का तिलिस्म? प्रस्तुत है, इस विषय की विस्तृत पड़ताल करता…
मुद्दा यह भी है कि नीतीश के ख़िलाफ़ नाराज़गी कितनी ‘प्राकृतिक’ है और कितनी ‘मैन्यूफ़्रैक्चर्ड’ ।और यह भी कि भाजपाई शासन वाले राज्यों के मुक़ाबले बिहार की स्थिति कितनी ख़राब है ?किसी समय मोदी के मुक़ाबले ग़ैर-कांग्रेसी विपक्ष की ओर…