निमाड़ में कपास खरीदी की हकीकत को उजागर करती एक रिपोर्ट उत्तर भारत के आंदोलनरत किसान कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना दिल्ली में ठीक उसी तरह मुस्तेद है, जैसे घुप्प अंधेरे की कडकड़ाती ठंड भरी रातों में सिंचाई…
गैर-सरकारी समाजसेवी संस्थाएं सरकार से समान दूरी रखते हुए उसे आइना दिखाते रहने के लिए भी खडी की जाती रही हैं, लेकिन आजकल इन संस्थाओं का चाल-चरित्र और चेहरा बदल-सा गया है। ‘एनजीओ’ के नाम से पुकारी जाने वाली ये…
आंकडे बताते हैं कि कोविड-19 महामारी के दौर में लगे लॉकडाउन में गंगा और यमुना सरीखी उसकी सहायक नदियां निर्मल हो गई थीं। इस भुलावे में रहकर कि महामारी के चलते गंगा साफ हो जायेगी, यह सवाल नागरिकों के जिन्दा…
किसान आंदोलन से निकलने वाले परिणामों को देश के चश्मे से यूँ देखे जाने की ज़रूरत है कि उनकी माँगों के साथ किसी भी तरह के समझौते का होना अथवा न होना देश में नागरिक-हितों को लेकर प्रजातांत्रिक शिकायतों के…
सत्ता और सरकारों के कर्ज-माफी सरीखे टोटकों को किसानों की नजर से देखें तो लगातार बढती किसान आत्महत्याएं दिखाई देती हैं। जाहिर है, किसानों और राज्य व केन्द्र की सरकारों के बीच गहरी संवादहीनता है। ऐसी संवादहीनता जिसमें सरकार की…
क्या केंद्र सरकार एक बार फिर “शाहीन बागों” का विरोध झेलने को तैयार है? या वह खुद ही किसानों को “शाहीन बाग” बनाने के लिए मजबूर कर रही है? और क्या किसान खुद इस तरह के लंबे और शांतिपूर्ण आंदोलन…
पेड़-पौधे पर्यावरण को दुरुस्त रखने के अलावा हमारे इलाज के लिए दवाएं भी मुहैय्या करवाते हैं। इन दिनों दुनिया-जहान को हलाकान करने वाली कोविड-19 बीमारी भी इसमें शामिल है। अब ऐसे अनेक उदाहरण सामने आ गए हैं जिनसे कोविड के…
तरह-तरह के कानून-कायदों को बनाते हुए सरकारों का एक तर्क यह भी रहता है कि इससे लालफीताशाही या इंस्पेक्टर-राज काबू में आ जाएगा। तो क्या लालफीताशाही और इंस्पेक्टर-राज को लोकतंत्र की ही कमजोरी माना जा सकता है? आम जनता, अर्थशास्त्रियों और…
विदेशी सत्ता के दौर में सौ साल पहले जन्मा भारत का मजदूर आंदोलन आजकल तरह-तरह के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक हमलों का शिकार हो रहा है। लेकिन क्या मजदूर-किसान संगठनों को समाप्त करके हम अपना विकास कर लेंगे? क्या रहा…
सौमित्र चटर्जी इसीलिए आदमकद कलाकार और बेहतरीन इंसान थे क्योंकि उनका अभिनय और जीवन, दोनों अपने समय, समाज और उसकी राजनीति से गहरे जुड़ा हुआ था। एक बड़े लेखक, संपादक, कवि, नाटककार और देश के तीसरे सर्वोच्च सम्मान ‘पद्मभूषण’ से…