पर्यावरण के संकट, जल-जंगल-जमीन के बाद अब मानवीय जीवन को अपनी गिरफ्त में लेने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में ‘धरती रक्षा दशक’ जैसे आपातकालीन उपायों के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। जनवरी 2020 की पहली…
जाति, भाषा, लिंग, क्षेत्र आदि की कठोर मानी जाने वाली वर्जनाओं को तोड़कर देशभर को आंदोलन के लिए मजबूर करने वाला ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम’ (सीएए) और ‘राष्ट्रीय नागरिकता पंजी’ (एनआरसी) आखिर क्या करने वाले हैं? क्या ‘राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी’ (एनपीआर)…