मीडिया के कुछ इलाक़ों में इन दिनों अराजकता का दौर चल रहा है। कहा जा सकता है कि हालात एक विपरीत आपातकाल जैसे हैं।आपातकाल के दौरान सेन्सरशिप थी, प्रकाशित होने वाली (प्रसारण केवल सरकारी ही था, इलेक्ट्रॉनिक चैनल नहीं थे)…