कोरोना की चपेट में आए लाखों-लाख श्रमिकों की बदहवास गांव-वापसी इशारा कर रही है कि खेती में आज भी काफी संभावनाएं है। क्या यह बात हमारे नीति-नियंता, सत्ताधारी और नौकरशाह समझ पाएंगे? क्या ‘कोरोना-बाद’ का भारत वापस कृषि-प्रधान हो सकेगा?…