Vinoba Bhave's 125th birth anniversary

विचारों को आश्रमों में कैद नहीं किया जा सकता

आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर ‘विनोबा विचार प्रवाह’ अंतर्राष्ट्रीय संगीति में जस्टिस धर्माधिकारी 20 अगस्त। विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। इसे आश्रमों में कैद नहीं किया जा सकता। इसका प्रवाह निरंतर बना रहना चहिए। आरोग्य…

समाचार

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से आरोग्य में स्वावलंबन संभव

18 अगस्‍त को विनोबा की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में भरत भाई शाह आज तक हम शरीर की बनावट को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। हमारा शरीर अपने आप में खुली हुई फार्मेसी है, जिसकी…

समाज के विकास के लिए वैचारिक स्वतंत्रता जरूरी

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में सुश्री ज्योति बहन सभी के उदय का जिस शब्द में समावेश है वह सर्वोदय है। किसी भी समाज के विकास में वैचारिक स्वातंत्र्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।…

अहिंसक समाज रचना में सर्वसम्मत निर्णय की प्रक्रिया जरूरी

15 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में मोहनभाई हीराबाई हीरालाल आज हम जिसे स्वराज समझते हैं, वह स्वराज नहीं है। स्वराज के लिए निर्णय प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। बहुमत से होने वाला निर्णय का स्वराज से विरोध है। अहिंसा…

साम्ययोगी समाज का आधार विकेंद्रित अर्थरचना है

14 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में डॉ.पुष्पेंद्र दुबे समाज में अशांति का कारण श्रम को टालना है। विषमता का मूल कारण यही है। विज्ञान के साधन इसे दूर करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। गलत आर्थिक…

विनोबा का भूदान आंदोलन करुणा का महाकाव्य है

13 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति में डॉ. उल्हास जाजू विनोबा जी ने स्वराज्य के कंधे पर बैठकर सर्वोदय विचार की आराधना की। उन्होंने गांधी युग की अहिंसा के नकारात्मक भाव को अपने रचनात्मक कार्यों से विधायक…

भगवद्गीता असांप्रदायिक ग्रंथ है

12 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति में विदुषी उषा बहन श्रीमद्भवद्गीता असांप्रदायिक ग्रंथ है। इस ग्रंथ में कहीं पर भी विचारों का आक्रमण नहीं किया गया है। यह ग्रंथ भारत ही नहीं दुनिया के चिंतकों में लोकप्रिय…