‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’ (यूएनईपी) के द्वारा किए गए शोध के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण विस्थापित होने वाले 80 प्रतिशत महिलाएँ या बच्चे हैं। इनमें किशोरी और युवा लड़कियां भी शामिल हैं जो कि गरीबी, हिंसा या अनपेक्षित गर्भधारण, असमय गर्भपात के बढ़ते जोखिम का सामना कर रही…
हर साल बाढ, सूखा, आंधी, गर्मी, बर्फवारी और तूफानों जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बढने का एक मतलब यह भी है कि हमने एक वैश्विक समाज की हैसियत से धरती पर रहना अब तक नहीं सीखा है। एक तरफ, हमारे कार्य-कलाप…