पेशेवर विकास के लिए शिक्षकों के पास पर्याप्त अवसर होने चाहिए| इससे उनका हुनर बढेगा और वे शिक्षण के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों से परिचित होंगे| शिक्षकों के ऐसे समूह होने चाहिए जिसमें वे एक दूसरे की सहायता…
बहुपठित उपन्यास ‘रागदरबारी’ के एक प्रसंग में कहा गया है कि लगता है, शिक्षा-व्यवस्था सड़क किनारे की ऐसी आवारा कुतिया है जिसे हर कोई गुजरता आदमी बेवजह लात जमा देता है। आजकल शिक्षा में किए जा रहे ना-ना प्रकार के…
भारत में बच्चों को शारीरिक दंड देने की आदत यथावत बनी हुई है| बच्चे को अनुशासित करने में इसकी व्यर्थता साबित होने के बावजूद| पिटा हुआ और घायल बच्चा कभी ज़िम्मेदार नागरिक नहीं बन सकता| एक इंसान के रूप में…
आजकल शिक्षा, किसी तरह डिग्री हासिलकर नौकरी पाने का उपाय भर होती जा रही है। देश व समाज के लिए बेहतर नागरिक बनाने में शिक्षा संस्थानों की अब कोई रुचि दिखाई नहीं देती। ऐसे में क्या किया जाना चाहिए? प्रस्तुत…
शिक्षा अकादमिक विषयों की पढ़ाई तक सीमित होकर रह गयी है| खेल-कूद, और हॉबी क्लासेज के लिए ऑनलाइन पढ़ाई में कोई जगह नहीं रह गयी है| अब बच्चा संगीत कैसे सीखेगा बच्चा, खेल-कूद की बारीकियां कहाँ से सीखेगा, पेंटिंग और…