हम आज जिस विकास के दौर से गुजर रहे हैं उसमें खासकर पैदल चलने वालों की इज्जत खत्म हो गई है। पैदल चलना मजबूरी का नाम हो गया है। हम आज जिस विकास के दौर से गुजर रहे हैं उसमें…