shravan garg

भारत के कल्चर का एसेंस है सेलिब्रेशन : एम एफ़ हुसैन

जन्मदिन पर याद : बातचीत भाग -2 हुसैन साहब से जब बात करते हैं तो वे लगने ही नहीं देते हैं कि आप दुनिया के किसी बहुत बड़े पेंटर से मुखातिब हैं ! ऐसा महसूस कराते हैं जैसे किसी पहुँचे…

देश- दुनिया महात्‍मा गांधी को कहां छोड़ कर आ गई है, आखिर उन्‍हें कहां ढूंढे?

गांधी जयंती की पूर्व बेला पर वरिष्‍ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का व्‍याख्‍यान इंदौर, 1 अक्टूबर। हम महसूस ही नहीं कर पा रहे है कि समाज बेसुध क्‍यों हो रहा है? इसकी जुबान क्‍यों लडखड़ा रही है। इस दौर में देश-…

हम चट्टानों की तरह मौन हो गये है, जहाँ सत्य की आवाज लौटकर नहीं आती

इंदौर, 16 फरवरी। देश के वरिष्ठ पत्रकार व चिंतक श्रवण गर्ग ने कहा कि अब हमने बोलना बंद कर दिया है, चुप रहना अपनी आदत बना चुके है। तीर्थस्थलों पर अब पालकी और बैसाखियां बढ़ती जा रही है। वे नहीं…

प्रशांत भूषण को सजा मिलनी ही चाहिए और वे स्वीकार भी करें !

प्रशांत भूषण द्वारा स्वीकार की जाने वाली सजा लोगों के मन से सविनय प्रतिकार के फलस्वरूप प्राप्त हो सकने वाले दंडात्मक पुरस्कार के प्रति भय को ही कम करेगी। जैसे महामारी पर नियंत्रण के लिए उसके संक्रमण की चैन को…