School

शिक्षा : बेबसी और उम्मीद के बीच झूलते स्कूल

बहुपठित उपन्यास ‘रागदरबारी’ के एक प्रसंग में कहा गया है कि लगता है, शिक्षा-व्यवस्था सड़क किनारे की ऐसी आवारा कुतिया है जिसे हर कोई गुजरता आदमी बेवजह लात जमा देता है। आजकल शिक्षा में किए जा रहे ना-ना प्रकार के…

शिक्षा : पढ़ाई के नाम पर पिटाई की परिपाटी

भारत में बच्चों को शारीरिक दंड देने की आदत यथावत बनी हुई है| बच्चे को अनुशासित करने में इसकी व्यर्थता साबित होने के बावजूद| पिटा हुआ और घायल बच्चा कभी ज़िम्मेदार नागरिक नहीं बन सकता| एक इंसान के रूप में…

कोविड के बाद की कक्षाएं

कोरोना वायरस से उपजी कोविड-19 बीमारी अब धीरे-धीरे कम होते हुए समाप्ति के संकेत देने लगी है। जाहिर है, ऐसे में हमें अपने बच्चों के स्कूल फिर से शुरु करना होंगे। लंबे समय बाद स्कूलों, खासकर उच्च और उच्च-माध्यमिक स्तर…

सरकारी स्कूलों के बंद होने के मायने

बाजार-वाद के हल्‍ले में सरकारी अस्‍पतालों की तरह सरकारी स्‍कूलों को हम कितना भी गरिया लें, सर्वाधिक लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा की सुविधा इन्‍हीं की मार्फत मिलती है। तो फिर इन्‍हीं को बेहतर क्‍यों नहीं किया जाए? खासकर तब, जब कोविड-19 की ‘मेहरबानी’ से…

मासूमियत पर महामारी की मार

बच्चों में चिंता, चिडचिडाहट और अवसाद के मामले बढ़ रहे हैं, और इन मनोदशाओं से निपटने के बड़े और छोटे बच्चों के तरीके अलग-अलग हैं| कई छोटे बच्चों में अनावश्यक चिडचिडाहट देखी जा रही है और ऐसे में वे अपने…