Ramjanmabhumi

राममय लोक मानस

इन दिनों समूचा देश अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के चलते राममय दिखाई दे रहा है, लेकिन क्या हमारे मनीषी अपने राम को इसी तरह मानते थे? क्या थीं, उनकी धारणाएं? प्रस्तुत है, इसी विषय पर अनिल त्रिवेदी की…

Ramkatha रामकथा में नैतिकता व संघर्ष का संदेश

रामायण के नायक राम के जीवन का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि उनका अधिकतर समय अत्याचार के विरुद्ध लड़ते हुए बीता। अत्याचारी राक्षसों के विरुद्ध संघर्ष के पहले चरण में, जहां शत्रु बहुत बलशाली नहीं था, राम ने केवल…

पीठ से उतारने का उत्‍सव

एक भरे-पूरे राज्‍य से धारा-370 हटाने और उसे दो केन्‍द्र शासित प्रदेशों में तब्‍दील करने के ठीक एक साल बाद राम-जन्‍मभूमि के भूमि पूजन ने पांच अगस्‍त को एक ऐतिहासिक दर्जा दे दिया है। क्‍या हैं, इन दोनों घटनाओं के…

कश्‍मीर के बाद मंदिर, मंदिर के बाद क्‍या?

भाजपा की राजनीतिक सत्‍ता प्राप्ति की यात्रा को ही देखें तो पता चलता है कि उसने आम लोगों और समाज में सुगबुगा रहे सवालों पर ही उंगली रखी है और नतीजे में शून्‍य से शिखर तक पहुंची है। इसके विपरीत…

कहाँ जन्में थे भगवान राम ?

समृद्ध विविधता से पता चलता है कि भगवान राम की कथा दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी लोकप्रिय है और इसके कई रूप हैं. राममंदिर आन्दोलन पूरी तरह से रामकथा के उस आख्यान पर केन्द्रित है जिसे वाल्मीकि, तुलसीदास और…