इन दिनों समूचा देश अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के चलते राममय दिखाई दे रहा है, लेकिन क्या हमारे मनीषी अपने राम को इसी तरह मानते थे? क्या थीं, उनकी धारणाएं? प्रस्तुत है, इसी विषय पर अनिल त्रिवेदी की…
रामायण के नायक राम के जीवन का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि उनका अधिकतर समय अत्याचार के विरुद्ध लड़ते हुए बीता। अत्याचारी राक्षसों के विरुद्ध संघर्ष के पहले चरण में, जहां शत्रु बहुत बलशाली नहीं था, राम ने केवल…
इस सवाल से कैसे मुक्त हुआ जा सकता है कि लाखों की संख्या वाले साधु-संत, उनके करोड़ों शिष्य और भक्तों के साथ वे अनगिनत कार्यकर्ता जो मंदिर-निर्माण के कार्य को अपने संकल्पों की प्रतिष्ठा मानते हुए इतने वर्षों से लगातार…