‘राजस्थान की रजत बूंदें’ सरीखी नायाब किताब लिखने वाले अनुपम मिश्र कहा करते थे कि जिस इलाके में प्रकृति ने पानी देने में थोड़ी कंजूसी की है, वहां समाज ने पानी की एक-एक बूंद को प्रसाद मानकर बेहद सलीके से…
इंसान के जिन्दा रहने के लिए हवा, पानी और भोजन अनंत बुनियादी जरूरतें हैं और इसीलिए आजकल के व्यापार-धंधे में इन जिन्सों की भारी पूछ-परख है। इन तीनों में से सिर्फ पानी को ही देखें तो क्या पता चलता है?…