Pawnar ashram

ध्यान भीतरी संपदा को उजागर करने माध्यम है

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में उषा बहन 28 अगस्त। मनुष्य जीवन में ध्यान और प्रार्थना जीवन के अभिन्न अंग होना चाहिए। व्यक्तिगत चेतना में परमात्म चेतना का आविर्भाव करना ध्यान है। ध्यान का…

चम्बल घाटी में बागियों के समर्पण से विनोबा जी का हृदय परिवर्तन हुआ

22 अगस्‍त को आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में साधिका सुश्री गंगा बहन इतिहास स्वयं को हिंसा के रूप में नहीं दोहराता है बल्कि उसका दर्शन अहिंसा में भी होता है। चंबल घाटी…

समाज के विकास के लिए वैचारिक स्वतंत्रता जरूरी

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में सुश्री ज्योति बहन सभी के उदय का जिस शब्द में समावेश है वह सर्वोदय है। किसी भी समाज के विकास में वैचारिक स्वातंत्र्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।…

भगवद्गीता असांप्रदायिक ग्रंथ है

12 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति में विदुषी उषा बहन श्रीमद्भवद्गीता असांप्रदायिक ग्रंथ है। इस ग्रंथ में कहीं पर भी विचारों का आक्रमण नहीं किया गया है। यह ग्रंथ भारत ही नहीं दुनिया के चिंतकों में लोकप्रिय…

संत विनोबा इस देश के समन्वयाचार्य हैं: सुश्री ज्योत्सना बहन

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति भारत को एक करने का श्रेय यहां के संतों को है। उन्होंने पूरे देश में घूमकर सद्विचारों में इसे बांध दिया है। भारत में अखंड आध्यात्मिक विचार संपदा…

धर्म और राजनीति के स्थान पर अध्यात्म और विज्ञान को स्थापित करना समय की मांग

विनोबा विचार प्रवाह में  पवनार आश्रम की सुश्री कालिंदी बहन ने कहा आज विज्ञान से मनुष्य समाज भयभीत है। विज्ञान आक्रमण कर रहा है। दूसरी ओर राजनीतिक चिंतन संकुचितता को बढ़ावा दे रहा है। इसमें सांप्रदायिकता भी अपना योगदान दे…