देखने, छूने, सूंघने और यदा-कदा चखने की इंद्रियों की मदद से होने वाली खरीद-फरोख्त को धता बताते हुए आजकल आनलाइन का चलन है जिसमें सीधे ऑर्डर करके जरूरत का सामान मंगाया जाता है। सरकार से लगाकर तमाम शोध संस्थान इस…
कम्प्यूटर, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मार्फत फैल रहे आभासी संसार के बावजूद बच्चों में आज भी पारंपरिक खिलौनों के प्रति उत्साह बाकी है। सरकारी आंकड़े तक इसकी तस्दीक करते हैं कि भारत ने खिलौना-बाजार में खासी बढ़त बनाई है,…