73वें ‘स्वतंत्रता दिवस’ (15 अगस्त) पर विशेष व्यक्ति के ब्याह और जन्म आदि की वर्षगांठ की तरह किसी देश की आजादी की वर्षगांठ में अव्वल तो खुशी और समारोह होना ही चाहिए, लेकिन फिर इन अवसरों पर आत्म–समीक्षा भी की जानी चाहिए ताकि…
आजादी बहुत अधिक सजगता की मांग भी करती है। अक्सर तो हमें इसका अहसास भी नहीं होता कि वह वास्तव में हम आजाद नहीं या फिर जिसे आजादी समझ रहे हैं वह गुलामी का ही एक परिष्कृत रूप है। सुसज्जित…
73वें ‘स्वतंत्रता दिवस’ (15 अगस्त) पर विशेष स्वाधीनता, स्वावलंबन और भय-मुक्ति मानव सभ्यता की बुनियाद हैं। इन्हें साधना, एक सम्पन्न समाज और सभ्यता के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। प्रस्तुत है, इसी विषय पर प्रकाश डालता अनिल त्रिवेदी का यह लेख। आज़ादी, स्वाधीनता, फ्रीडम, स्वतंत्रता…