इस दुनिया में प्रागैतिहासिक काल से लेकर आज तक मनुष्य की कहानी ख़यालात बदलने से हालात बदलने की अंतहीन कहानी है। ख़यालात से हालात बदलते ही रहेंगे यह हमारी दुनिया या जिन्दगी का सत्य है। हमारे ख़यालातों से ही पुरातनकाल…
विचार और वस्तु के बीच का सदियों पुराना द्वंद्व क्या साम्प्रदायिक और गैर-साम्प्रदायिक भी हो सकता है? क्या विचार पर विचारधारा की अहमियत एक तरह की साम्प्रदायिकता को जन्म देती है? और क्या अपने चतुर्दिक फैले व्यापक संसार में शांति…