Government

गणतंत्र दिवस : प्रजातंत्र में पक्षधरता

प्रजातंत्र में निष्पक्ष चिंतन राज्य, सरकार और समाज को सर्वजन-हिताय बनाए रखता है, लेकिन हमारे यहां के मौजूदा पार्टी-प्रधान ढांचे ने पक्षधरता की बेहद कमजोर छवि बनाई है। नतीजे में समूचा तंत्र शिथिल होता जा रहा है। क्या हैं, पक्षधरता…

विकास के नाम पर हम पर्यावरण को संगठित रूप से क्षति पहुंचा रहे, केवल सरकार के भरोसे न रहें

‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ अभियान के तहत संविधान में पर्यावरण पर परिचर्चा इंदौर, 15 जनवरी। पर्यावरण को सरकार की प्राथमिक सूची में शामिल होना चाहिए। देश में हर वर्ष 42 अरब टन कार्बनडाई आक्साईड पैदा हो रही है। इससे बचने …

Naturopathy : दवाओं के बिना भी संभव है रोग-मुक्ति

स्वस्थ्य रहने के लिए कई ऐसी बातें हैं जिन्हें हम जानते-पहचानते हैं, लेकिन लापरवाही, अज्ञान और जीवन-पद्धति के कारण उन्हें वापरने से परहेज करते हैं। हमारी इस अनदेखी के बावजूद जरूरी है कि इन बातों की बार-बार याद दिलाई जाती…

चुनाव सरकार नहीं, देश को गढ़ने का होना चाहिए

जीत-हार की राजनीति में आकंठ डूबे राजनेता पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनावों में लगे हैं। इसके कुछ महीनों बाद समूचा देश केन्द्र की सत्ता चुनने में लग जाएगा, लेकिन ऐसे में क्या हमारी मौजूदा हालातों पर विचार करना मौजूं…

बीमार मानसिकता, सिर्फ़ ‘अपने’ ही बीमारों की चिंता !

केजरीवाल की चिंता को यूँ भी गढ़ा जा सकता है कि जो दिल्ली के मतदाता हैं और जिनकी सरकार बनाने-बिगाड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, चिकित्सा सुविधाओं पर हक़ भी उन्हीं का होना चाहिए। उन्हें क़तई नाराज़ नहीं किया जा…