बड़ी,बारहमासी नदियों का दोहन करने की सरकारी हुलफुलाहट के साथ-साथ सत्तर के दशक से समाज ने भी इन पर गौर करना और जरूरी हो तो प्रतिरोध करना शुरु कर दिया है, लेकिन इन विशालकाय जल-भंडारों को पोषित करने वाली छोटी,…
मानसून आते ही बादल फटना आजकल आम है। भारी मात्रा में कम समय की ये तेज वर्षा बाढ़, भू-स्खलन और बिजली गिरने की वजह बनती है। विडम्बना यह है कि आसमानी पानी के ये करतब इंसानी कारनामों के नतीजे में…
पिछले कुछ दशकों में हिमालय के ग्लेशियर औसतन 10 गुना अधिक तेजी से पिघल रहे हैं पिछले 400 से 700 वर्षों में, हिमालयी क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में ग्लेशियरों का लगभग 40 फीसदी हिस्से का नुकसान हो गया है। यह…